The direct answer: मकर राशिफल आज का — चंद्र राशि मकर: मकर राशिफल — 270° से 300° निरयन तक की चंद्र राशि। शनि स्वामी, मंगल 28 अंश पर उच्च, गुरु 5 अंश पर नीच। उत्तराषाढ़ा, श्रवण और धनिष्ठा सहित। AskSoma publishes this at asksoma.ai/hi/rashifal/makar as a free Vedic astrology resource using Swiss Ephemeris calculations and classical Jyotish interpretation — not generic sun-sign copy.
मकर राशिफल — 270° से 300° निरयन तक की चंद्र राशि। शनि स्वामी, मंगल 28 अंश पर उच्च, गुरु 5 अंश पर नीच। उत्तराषाढ़ा, श्रवण और धनिष्ठा सहित।
मकर राशिफल उनके लिए है जिनका चंद्रमा जन्म के समय 270° से 300° निरयन के बीच था। मकर का स्वामी शनि है, मंगल यहाँ 28 अंश पर उच्च का होता है और गुरु 5 अंश पर नीच का — यही एक राशि है जहाँ सबसे कठोर ग्रह अपने शिखर पर और सबसे उदार ग्रह अपने निम्नतम पर मिलते हैं।
मकर चंद्र का स्वभाव इसी विरोध से बनता है। जिस राशि में गुरु नीच का हो, वहाँ विश्वास पहले नहीं आता — प्रमाण पहले आता है; और जिस राशि में मंगल उच्च का हो, वहाँ प्रयास कभी कम नहीं पड़ता। मकर चंद्र की गंभीरता उदासी नहीं है, वह उस मन की मुद्रा है जिसने भरोसा करने से पहले जाँचना सीख लिया है।
मकर चर राशि है और पृथ्वी तत्व की, इसलिए नवांश क्रम स्वयं मकर से आरंभ होता है और कन्या पर समाप्त — पृथ्वी से पृथ्वी तक। यह पूर्ण पृथ्वी-वृत्त मकर की उस विशेषता का गणितीय रूप है जिसे लोग व्यावहारिकता कहते हैं: आरंभ भी ठोस, अंत भी ठोस।
मकर में श्रवण पूरी आती है और उसका स्वामी चंद्रमा है। शनि की राशि में चंद्रमा का नक्षत्र — कठोरतम ग्रह की राशि के मध्य चार पादों पर मन के कारक का स्वामित्व। शास्त्र में श्रवण को सुनने का नक्षत्र कहा गया है, और शनि की संरचना के भीतर यह ग्रहणशीलता मकर के अतिरिक्त कहीं नहीं मिलती।
| नक्षत्र | पाद | सायन अंश | नक्षत्र स्वामी | नवांश |
|---|---|---|---|---|
| उत्तराषाढ़ा | 2 | 270°00′ – 273°20′ | सूर्य | मकर |
| उत्तराषाढ़ा | 3 | 273°20′ – 276°40′ | सूर्य | कुम्भ |
| उत्तराषाढ़ा | 4 | 276°40′ – 280°00′ | सूर्य | मीन |
| श्रवण | 1 | 280°00′ – 283°20′ | चंद्र | मेष |
| श्रवण | 2 | 283°20′ – 286°40′ | चंद्र | वृषभ |
| श्रवण | 3 | 286°40′ – 290°00′ | चंद्र | मिथुन |
| श्रवण | 4 | 290°00′ – 293°20′ | चंद्र | कर्क |
| धनिष्ठा | 1 | 293°20′ – 296°40′ | मंगल | सिंह |
| धनिष्ठा | 2 | 296°40′ – 300°00′ | मंगल | कन्या |
| भाव | राशि | राशि स्वामी | किसका भाव |
|---|---|---|---|
| 1 | मकर | शनि | तन, स्वभाव, देह |
| 2 | कुम्भ | शनि | धन, कुटुम्ब, वाणी |
| 3 | मीन | गुरु | पराक्रम, भाई-बहन, साहस |
| 4 | मेष | मंगल | सुख, माता, घर |
| 5 | वृषभ | शुक्र | विद्या, संतान, बुद्धि |
| 6 | मिथुन | बुध | रोग, ऋण, शत्रु |
| 7 | कर्क | चंद्र | दाम्पत्य, साझेदारी |
| 8 | सिंह | सूर्य | आयु, गुप्त, आकस्मिक |
| 9 | कन्या | बुध | भाग्य, धर्म, पिता |
| 10 | तुला | शुक्र | कर्म, प्रतिष्ठा |
| 11 | वृश्चिक | मंगल | लाभ, इच्छा-पूर्ति |
| 12 | धनु | गुरु | व्यय, विदेश, मोक्ष |
| ग्रह | भाव |
|---|---|
| सूर्य | 8 |
| चंद्र | 7 |
| मंगल | 4 · 11 |
| बुध | 6 · 9 |
| गुरु | 3 · 12 |
| शुक्र | 5 · 10 |
| शनि | 1 · 2 |
योगकारक ग्रह: शुक्र — 5 · 10
मकर से पंचम और दशम दोनों शुक्र के पास हैं — त्रिकोण और केंद्र — इसलिए शुक्र मकर का योगकारक है। शनि स्वयं लग्न और द्वितीय दोनों का स्वामी है, यानी स्वभाव और धन एक ही ग्रह से; मकर चंद्र के लिए आत्म-मूल्य और आर्थिक सुरक्षा अलग प्रश्न नहीं रहते।
मकर में मंगल 28 अंश पर उच्च होता है, और वह बिंदु धनिष्ठा के दूसरे पाद में पड़ता है जिसका स्वामी स्वयं मंगल है — उच्च और नीच के चौदह बिंदुओं में यही एक ऐसा है जो अपने ही ग्रह के पाद में गिरता है। उसी राशि में गुरु 5 अंश पर नीच होता है, उत्तराषाढ़ा के तीसरे पाद में, स्वामी सूर्य।
श्रवण के चारों पाद मकर में हैं — चंद्र की दस वर्ष की महादशा, और यही यहाँ सबसे आम आरंभ है। उत्तराषाढ़ा के तीन पाद सूर्य (6 वर्ष) देते हैं और धनिष्ठा के दो मंगल (7 वर्ष)। वृषभ और कन्या भी इन्हीं तीन से आरंभ करते हैं।
| नक्षत्र | नक्षत्र स्वामी | गण | योनि | नाड़ी |
|---|---|---|---|---|
| उत्तराषाढ़ा | सूर्य | मनुष्य | नकुल | अन्त्य |
| श्रवण | चंद्र | देव | वानर | अन्त्य |
| धनिष्ठा | मंगल | राक्षस | सिंह | मध्य |
| ग्रह | स्थिति | राशि में अंश | कौन-से पाद में |
|---|---|---|---|
| गुरु | नीच | 5°00′ | उत्तराषाढ़ा पाद 3 · सूर्य |
| मंगल | उच्च | 28°00′ | धनिष्ठा पाद 2 · मंगल |
| नक्षत्र | नक्षत्र स्वामी | महादशा वर्ष | राशि का भाग |
|---|---|---|---|
| उत्तराषाढ़ा | सूर्य | 6 वर्ष | 3/9 · 10°00′ |
| श्रवण | चंद्र | 10 वर्ष | 4/9 · 13°20′ |
| धनिष्ठा | मंगल | 7 वर्ष | 2/9 · 6°40′ |
यही तीन आरंभिक महादशाएँ इन राशियों को भी मिलती हैं: वृषभ · कन्या
शनि — राशि स्वामी
शनि परिश्रम और समय का कारक है। मकर चंद्र वहाँ सबसे अच्छा करता है जहाँ परिणाम में समय लगता हो, और वहाँ बेचैन होता है जहाँ सफलता बिना श्रम के मिल जाए — अर्जित न किया हुआ लाभ यहाँ सुख नहीं देता।
शनि — मकर से द्वितीयेश (कुम्भ)
मकर से दूसरा भाव कुम्भ है, जिसका स्वामी भी शनि ही है। धन-भाव और राशि दोनों एक ही ग्रह के अधीन होने से मकर चंद्र की आर्थिक स्थिति धीमी पर स्थिर बनती है — यह दोहरा शनि-स्वामित्व बारह में केवल दो राशियों को मिला है।
चंद्रमा — मकर से सप्तमेश (कर्क)
मकर से सातवाँ भाव कर्क है, चंद्रमा की राशि। जिस राशि में गुरु नीच का है उसके सामने वह उच्च का है, और सप्तमेश स्वयं मन का कारक है — इसीलिए मकर चंद्र संबंध में वही खोजता है जो उसके पास सबसे कम है: बिना शर्त कोमलता।
शनि और मकर का जानु-स्थान
कालपुरुष में मकर घुटने और अस्थि-तंत्र का स्थान है, और शनि हड्डियों तथा जोड़ों का कारक। मकर चंद्र में थकान जोड़ों और घुटनों पर उतरती है — गति बनाए रखना इस राशि के लिए विशिष्ट परामर्श है।
शास्त्रीय मत के अनुसार गुरु मकर के 5 अंश पर परम नीच है — कर्क के अपने उच्च स्थान से ठीक सामने। कारण यह बताया जाता है कि गुरु विस्तार का कारक है और मकर संकोच तथा सीमा की राशि, जहाँ विस्तार को स्थान कम मिलता है।
उत्तराषाढ़ा के दूसरे से चौथे पाद, श्रवण के चारों पाद, और धनिष्ठा के पहले दो पाद — कुल नौ। धनिष्ठा के अंतिम दो पाद कुम्भ में चले जाते हैं।
गुरु का नीच होना विश्वास को धीमा करता है, ठंडापन नहीं देता। मकर चंद्र भाव व्यक्त करने में समय लेता है, पर श्रवण नक्षत्र का चंद्र-स्वामित्व इसी राशि के भीतर असाधारण ग्रहणशीलता भी रखता है।
मेष · वृषभ · मिथुन · कर्क · सिंह · कन्या · तुला · वृश्चिक · धनु · मकर · कुम्भ · मीन
English: Makar rashifal · Makar rashi in English · rashi compatibility
अपनी राशि नहीं — अपनी कुंडली देखिए
गणना स्विस एफेमेरिस और लाहिड़ी अयनांश से · समीक्षा तिथि 2026-08-07
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Written by Savan Vyas, founder of AskSoma.
The astrology is not written from memory: every chart position, dasha period and panchang timing AskSoma shows is computed with the Swiss Ephemeris on the Lahiri (Chitrapaksha) ayanamsa. How we calculate.