आज का राशिफल — चंद्र राशि से गणना

The direct answer: आज का राशिफल — चंद्र राशि से गणना: आज का राशिफल, बारह राशियों के लिए चंद्र राशि से गणना किया हुआ। हर राशि के नक्षत्र, पाद, नवांश और निरयन अंश के साथ — स्विस एफेमेरिस और लाहिड़ी अयनांश पर आधारित। AskSoma publishes this at asksoma.ai/hi/rashifal as a free Vedic astrology resource using Swiss Ephemeris calculations and classical Jyotish interpretation — not generic sun-sign copy.

आज का राशिफल, बारह राशियों के लिए चंद्र राशि से गणना किया हुआ। हर राशि के नक्षत्र, पाद, नवांश और निरयन अंश के साथ — स्विस एफेमेरिस और लाहिड़ी अयनांश पर आधारित।

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आज का राशिफल आपकी चंद्र राशि से पढ़ा जाता है — जन्म के समय चंद्रमा जिस 30 अंश के खंड में था, वही आपकी जन्म राशि है। नीचे बारह राशियों के पृष्ठ हैं, हर एक में उस राशि के नौ पाद, उनके नक्षत्र स्वामी और नवांश गणना के साथ दिए गए हैं।

भारतीय ज्योतिष में राशिफल सूर्य से नहीं, चंद्रमा से पढ़ा जाता है। इसका कारण सैद्धांतिक है: पराशर पद्धति में चंद्रमा मन का कारक है, और दैनिक गोचर का जो प्रभाव सबसे पहले अनुभव होता है वह मन की स्थिति पर होता है। पश्चिमी ज्योतिष में जिसे "सन साइन" कहा जाता है वह जन्म के महीने से तय होता है; जन्म राशि उससे भिन्न होती है और अधिकांश लोगों की दोनों राशियाँ एक नहीं होतीं।

दूसरा अंतर अयनांश का है। यहाँ की सारी गणना निरयन (sidereal) है, लाहिड़ी अयनांश के साथ — अर्थात् नक्षत्रों की वास्तविक स्थिति के सापेक्ष। पश्चिमी गणना सायन (tropical) है। इसी कारण एक ही जन्म-तिथि पर दोनों पद्धतियाँ अक्सर अलग राशि बताती हैं, और यह अंतर लगभग 24 अंश का है — पूरी एक राशि के लगभग बराबर।

हर राशि 30 अंश की है, पर वह एक समान नहीं होती। 360 अंश में 27 नक्षत्र हैं, प्रत्येक 13°20′ का, और हर नक्षत्र के चार पाद 3°20′ के। 108 पादों को 12 राशियों में बाँटने पर हर राशि में ठीक नौ पाद आते हैं — पर चूँकि 27 का 12 से भाग नहीं जाता, नक्षत्र राशि की सीमा को काटते हैं। इसीलिए हर राशि में सवा दो नक्षत्र आते हैं, और यही वह गणना है जो एक राशि को दूसरी से वास्तव में अलग करती है।

राशिफल चंद्र राशि से पढ़ा जाता है, सूर्य राशि से नहीं।

यदि आपको अपनी जन्म राशि नहीं मालूम, तो जन्म तिथि से निकाली गई "राशि" प्रायः सूर्य राशि होती है, चंद्र राशि नहीं। चंद्रमा लगभग सवा दो दिन में एक राशि बदलता है, इसलिए जन्म राशि जानने के लिए जन्म की तारीख के साथ समय और स्थान भी चाहिए।

यदि आपने जीवन भर स्वयं को किसी एक राशि का माना है और गणना दूसरी बताती है — तो दोनों सही हो सकते हैं। एक सूर्य राशि है, दूसरी चंद्र राशि। हम आपकी पहचान बदलने नहीं आए; हम बता रहे हैं कि किस गणना से कौन-सा फल पढ़ा जाता है।

इस राशि में आने वाले नक्षत्र

बारह राशियाँ एक साथ — स्वामी, तत्व, निरयन विस्तार और नक्षत्र

राशि राशि स्वामी तत्व निरयन विस्तार नक्षत्र
मेषमंगलअग्नि0°00′ – 30°00′अश्विनी · भरणी · कृत्तिका
वृषभशुक्रपृथ्वी30°00′ – 60°00′कृत्तिका · रोहिणी · मृगशिरा
मिथुनबुधवायु60°00′ – 90°00′मृगशिरा · आर्द्रा · पुनर्वसु
कर्कचंद्रजल90°00′ – 120°00′पुनर्वसु · पुष्य · आश्लेषा
सिंहसूर्यअग्नि120°00′ – 150°00′मघा · पूर्वा फाल्गुनी · उत्तरा फाल्गुनी
कन्याबुधपृथ्वी150°00′ – 180°00′उत्तरा फाल्गुनी · हस्त · चित्रा
तुलाशुक्रवायु180°00′ – 210°00′चित्रा · स्वाति · विशाखा
वृश्चिकमंगलजल210°00′ – 240°00′विशाखा · अनुराधा · ज्येष्ठा
धनुगुरुअग्नि240°00′ – 270°00′मूल · पूर्वाषाढ़ा · उत्तराषाढ़ा
मकरशनिपृथ्वी270°00′ – 300°00′उत्तराषाढ़ा · श्रवण · धनिष्ठा
कुम्भशनिवायु300°00′ – 330°00′धनिष्ठा · शतभिषा · पूर्व भाद्रपद
मीनगुरुजल330°00′ – 360°00′पूर्व भाद्रपद · उत्तर भाद्रपद · रेवती

यह पृष्ठ आपको क्या नहीं बता सकता

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिन्दी में ज्योतिष समझने की शुरुआत कहाँ से करूँ?

पहले राशि, लग्न और नक्षत्र का अंतर समझें। इस पृष्ठ पर चंद्र राशि के आधार पर सामान्य राशिफल पढ़ सकते हैं। व्यक्तिगत कुंडली के लिए जन्म तिथि, समय और स्थान चाहिए। समय अनुमानित हो तो उसे निश्चित तथ्य न मानें। गणना ग्रहों की स्थिति बताती है; उसका ज्योतिषीय अर्थ परंपरा पर आधारित है, भविष्य की गारंटी नहीं।

राशिफल चंद्र राशि से क्यों पढ़ा जाता है, सूर्य राशि से क्यों नहीं?

क्योंकि पराशर पद्धति में चंद्रमा मन का कारक है और दैनिक गोचर का प्रभाव सबसे पहले मन पर दिखता है। सूर्य आत्मा और स्थायी स्वभाव का कारक है, जो एक दिन में नहीं बदलता। यही कारण है कि दैनिक फल के लिए चंद्र राशि ली जाती है।

मेरी जन्म राशि और सूर्य राशि अलग क्यों हैं?

दोनों अलग गणनाएँ हैं। सूर्य राशि जन्म के समय सूर्य की स्थिति है और लगभग एक महीने तक एक ही रहती है; जन्म राशि चंद्रमा की स्थिति है और लगभग सवा दो दिन में बदल जाती है। साथ ही भारतीय गणना निरयन है और पश्चिमी सायन, जिनमें लगभग 24 अंश का अंतर है।

क्या बिना जन्म समय के राशिफल सही रहता है?

आंशिक रूप से। जन्म तिथि से चंद्र राशि प्रायः निकल आती है, पर यदि जन्म उस दिन चंद्रमा के राशि बदलने के आसपास हुआ हो तो दो राशियाँ संभव रहती हैं। लग्न और भाव तो बिना समय के निकाले ही नहीं जा सकते।

गणना स्विस एफेमेरिस और लाहिड़ी अयनांश से · समीक्षा तिथि 2026-08-07

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About the author

Written by Savan Vyas, founder of AskSoma.

The astrology is not written from memory: every chart position, dasha period and panchang timing AskSoma shows is computed with the Swiss Ephemeris on the Lahiri (Chitrapaksha) ayanamsa. How we calculate.