चंद्र राशि कन्या आज का राशिफल

The direct answer: चंद्र राशि कन्या आज का राशिफल: कन्या राशिफल — 150° से 180° निरयन तक की चंद्र राशि। बुध स्वामी और 15 अंश पर उच्च, शुक्र 27 अंश पर नीच। उत्तरा फाल्गुनी, हस्त और चित्रा सहित। AskSoma publishes this at asksoma.ai/hi/rashifal/kanya as a free Vedic astrology resource using Swiss Ephemeris calculations and classical Jyotish interpretation — not generic sun-sign copy.

कन्या राशिफल — 150° से 180° निरयन तक की चंद्र राशि। बुध स्वामी और 15 अंश पर उच्च, शुक्र 27 अंश पर नीच। उत्तरा फाल्गुनी, हस्त और चित्रा सहित।

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कन्या राशिफल उनके लिए है जिनका चंद्रमा जन्म के समय 150° से 180° निरयन के बीच था। कन्या का स्वामी बुध है और बुध यहीं 15 अंश पर उच्च का भी होता है — बारह राशियों में यही एक राशि है जहाँ स्वामी और उच्च ग्रह एक ही हैं।

राशि स्वामी
बुध
तत्व
पृथ्वी
निरयन विस्तार
150°00′ – 180°00′

यह संयोजन कन्या को संरचनात्मक रूप से असामान्य बनाता है। जिस ग्रह पर आपका चंद्रमा निर्भर है, वह इस राशि में कभी दुर्बल नहीं होता — किसी और राशि को यह सुविधा नहीं मिली। व्यावहारिक अर्थ यह कि कन्या चंद्र का मन अस्पष्ट कम ही रहता है; उसकी कठिनाई यह है कि वह एक साथ बहुत सारी चीज़ों के विषय में स्पष्ट रहता है।

संतुलन उन्हीं तीस अंशों में लिखा है। कन्या एकमात्र राशि है जहाँ शुक्र नीच का होता है, और सबसे गहरा नीच बिंदु 27 अंश पर है। जो राशि बुध को उसका शिखर देती है, वही शुक्र को उसका निम्नतम स्थान देती है — कन्या चंद्र का यही ईमानदार आकार है: असाधारण विवेक, और उस सुख को स्वीकार करने में कठिनाई जो अर्जित न किया गया हो।

कन्या द्विस्वभाव राशि है, इसलिए नवांश पाँचवें स्थान से आरंभ होता है — मकर से। कन्या के नौ पाद नवांश में मकर से आरंभ होकर कन्या पर समाप्त होते हैं। शनि की राशि से आरंभ और अपनी ही राशि पर अंत — यही क्रम कन्या की उस प्रवृत्ति का गणितीय रूप है जिसे लोग पूर्णतावाद कहते हैं और जो वास्तव में बिना विराम चलती विवेक-शक्ति है।

इस राशि के नौ पाद — नक्षत्र, अंश और नवांश

नक्षत्र पाद सायन अंश नक्षत्र स्वामी नवांश
उत्तरा फाल्गुनी2150°00′ – 153°20′सूर्यमकर
उत्तरा फाल्गुनी3153°20′ – 156°40′सूर्यकुम्भ
उत्तरा फाल्गुनी4156°40′ – 160°00′सूर्यमीन
हस्त1160°00′ – 163°20′चंद्रमेष
हस्त2163°20′ – 166°40′चंद्रवृषभ
हस्त3166°40′ – 170°00′चंद्रमिथुन
हस्त4170°00′ – 173°20′चंद्रकर्क
चित्रा1173°20′ – 176°40′मंगलसिंह
चित्रा2176°40′ – 180°00′मंगलकन्या

इस राशि से बारह भाव — राशि और भावेश

भाव राशि राशि स्वामी किसका भाव
1कन्याबुधतन, स्वभाव, देह
2तुलाशुक्रधन, कुटुम्ब, वाणी
3वृश्चिकमंगलपराक्रम, भाई-बहन, साहस
4धनुगुरुसुख, माता, घर
5मकरशनिविद्या, संतान, बुद्धि
6कुम्भशनिरोग, ऋण, शत्रु
7मीनगुरुदाम्पत्य, साझेदारी
8मेषमंगलआयु, गुप्त, आकस्मिक
9वृषभशुक्रभाग्य, धर्म, पिता
10मिथुनबुधकर्म, प्रतिष्ठा
11कर्कचंद्रलाभ, इच्छा-पूर्ति
12सिंहसूर्यव्यय, विदेश, मोक्ष

किस ग्रह के पास कौन-से भाव

ग्रहभाव
सूर्य12
चंद्र11
मंगल3 · 8
बुध1 · 10
गुरु4 · 7
शुक्र2 · 9
शनि5 · 6

कन्या से लग्न और दशम दोनों बुध के पास हैं — देह और कर्म एक ही स्वामी के, और यह संयोजन कन्या तथा मीन, केवल दो राशियों को मिला है। कन्या का अपना अंतर यह है कि यही बुध इसी राशि में उच्च भी होता है। शनि के पास पंचम और षष्ठ — संतान-बुद्धि और रोग-ऋण एक साथ।

बुध 15 अंश पर उच्च होता है और वह बिंदु हस्त के दूसरे पाद में पड़ता है, जिसका स्वामी चंद्र है। उसी राशि में शुक्र 27 अंश पर नीच होता है — चित्रा के दूसरे पाद में, स्वामी मंगल। कन्या और मीन इस मामले में एक-दूसरे का दर्पण हैं: जहाँ कन्या में बुध उच्च और शुक्र नीच है, मीन में शुक्र उच्च और बुध नीच।

कन्या के नौ पादों में हस्त के चार सबसे अधिक हैं — चंद्र की दस-वर्षीय महादशा। उत्तरा फाल्गुनी के तीन पाद सूर्य (6 वर्ष) और चित्रा के दो मंगल (7 वर्ष) देते हैं। पहले 10 अंशों में जन्म सूर्य-आरंभ की ओर ले जाता है, अंतिम 6°40′ मंगल की ओर। वृषभ और मकर भी यही तीन पाते हैं।

इस राशि के नक्षत्र — गण, योनि और नाड़ी

नक्षत्र नक्षत्र स्वामी गण योनि नाड़ी
उत्तरा फाल्गुनीसूर्यमनुष्यगौआदि
हस्तचंद्रदेवमहिषआदि
चित्रामंगलराक्षसव्याघ्रमध्य

इस राशि में किस ग्रह का उच्च या नीच

ग्रह स्थिति राशि में अंश कौन-से पाद में
बुधउच्च15°00′हस्त पाद 2 · चंद्र
शुक्रनीच27°00′चित्रा पाद 2 · मंगल

इस राशि में जन्म से कौन-सी महादशा पहले चलती है

नक्षत्र नक्षत्र स्वामी महादशा वर्ष राशि का भाग
उत्तरा फाल्गुनीसूर्य6 वर्ष3/9 · 10°00′
हस्तचंद्र10 वर्ष4/9 · 13°20′
चित्रामंगल7 वर्ष2/9 · 6°40′

यही तीन आरंभिक महादशाएँ इन राशियों को भी मिलती हैं: वृषभ · मकर

कार्य और करियर

बुध — राशि स्वामी और उच्च

बुध विश्लेषण का कारक है और यहाँ अपने शिखर पर। कन्या चंद्र वहाँ सर्वश्रेष्ठ है जहाँ त्रुटि खोजनी हो, और वहाँ थकता है जहाँ अनुमान से निर्णय लेना पड़े — यह क्षमता की सीमा नहीं, स्वभाव की दिशा है।

धन और व्यय

शुक्र — कन्या से द्वितीयेश (तुला)

कन्या से दूसरा भाव तुला है, शुक्र का — वही शुक्र जो कन्या में नीच का है। धन-भाव का स्वामी राशि में दुर्बल होने से कन्या चंद्र प्रायः आवश्यकता से अधिक बचत करता है और आवश्यक व्यय को टालता रहता है।

संबंध

गुरु — कन्या से सप्तमेश (मीन)

कन्या से सातवाँ भाव मीन है, गुरु की राशि और शुक्र का उच्च स्थान। जहाँ शुक्र नीच का है उसके ठीक सामने वह उच्च का है — इसीलिए कन्या चंद्र संबंध में उसी की ओर खिंचता है जो बिना शर्त स्वीकार कर सके।

स्वास्थ्य

बुध और कन्या का उदर-स्थान

कालपुरुष में कन्या आँत का स्थान है और बुध स्नायु-तंत्र का कारक। कन्या चंद्र में चिंता सीधे पाचन पर उतरती है — यह इस राशि का सबसे बार-बार दोहराया जाने वाला शारीरिक संकेत है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कन्या में बुध उच्च का भी है और स्वामी भी — इसका क्या अर्थ है?

यह संयोजन बारह में केवल कन्या को मिला है। अर्थ यह कि इस राशि का स्वामी राशि में कभी सामान्य से कम बल में नहीं रहता, इसलिए कन्या चंद्र वालों के लिए बुध की भाव-स्थिति सामान्य से अधिक निर्णायक होती है।

कन्या राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?

उत्तरा फाल्गुनी के दूसरे से चौथे पाद, हस्त के चारों पाद, और चित्रा के पहले दो पाद — कुल नौ। चित्रा के अंतिम दो पाद तुला में चले जाते हैं।

क्या कन्या राशि वाले पूर्णतावादी होते हैं?

जिसे पूर्णतावाद कहा जाता है वह उच्च के बुध की विवेक-शक्ति है जो बिना रुके चलती रहती है। दोष यह नहीं है; कठिनाई तब बनती है जब वही शक्ति स्वयं पर लागू हो और शुक्र के नीच होने के कारण विश्राम स्वीकार्य न लगे।

कन्या · हिन्दी

मेष · वृषभ · मिथुन · कर्क · सिंह · कन्या · तुला · वृश्चिक · धनु · मकर · कुम्भ · मीन

English: Kanya rashifal · Kanya rashi in English · rashi compatibility

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About the author

Written by Savan Vyas, founder of AskSoma.

The astrology is not written from memory: every chart position, dasha period and panchang timing AskSoma shows is computed with the Swiss Ephemeris on the Lahiri (Chitrapaksha) ayanamsa. How we calculate.